केशव & शर्मा : समाज सेवक

  Dr. G.Singh   शर्मा : केशव जी आज शाम को नीतू का परिवार आ रही है अपने रोशन को देखने केशव : ठीक है उन्हें राजीव के घर पर ले आइये राजीव का ऊपर वाला कमरा खाली है शर्मा : अरे आपके घर पर क्यों नहीं केशव : शाम को बताऊंगा शर्मा : ठीक उसी दिन शाम को राजीव के कमरे मैं केशव : नमस्कार पाठक साहब आपका स्वागत है पाठक : नमस्कार केशव : आपका भी स्वागत है… Read more

मर्द-ए-ज़िगर

जमाने ने कह दिया मर्द को दर्दः नहीं होता और मर्द भी चुप बेठ गया अपने ग़मो को समेट कर ज़माना डरता रहा कहीं मर्द–ए–दिल को टटोला गया तो सेहलाब ना आ जाये मर्द–ए–दर्दः की चींख से कहीं क़यामत ना आ जाये मर्द कितना कमजोर है मर्द कितना लाचार है तभी तो घुट–घुट के जीता रहा और फ़ना होता रहा यारो तभी तो घुट–घुट के जिते गए और फ़ना होते गए जाते भी कहा अपना दर्दः भरा फसाना लेकर जाते… Read more

देखते ही देखते, जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं

देखते ही देखते, जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं। सुबह की सैर में कभी चक्कर खा जाते हैं, सारे मौहल्ले को पता है, पर हमसे छुपाते हैं। दिन प्रतिदिन अपनी खुराक घटाते हैं, और तबियत ठीक होने की बात फोन पे बताते हैं। ढीले हो गए कपड़ों को टाइट करवाते हैं। देखते ही देखते, जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं। किसी के देहांत की खबर सुन कर घबराते हैं, और अपने परहेजों की संख्या बढ़ाते हैं। हमारे मोटापे पे हिदायतों… Read more