केशव & शर्मा : आओ अपने अंदर के रावण को मारें

Dr. G.Singh

 

शर्मा : दसहरा की बधाई इस उम्मीद के साथ की हम सब अपने अंदर के रावण को मारेंगे
केशव : आपको भी बधाई
केशव : अच्छा एक बात बताइये मेरे अंदर रावण आपने देखा क्या
शर्मा : नहीं
केशव : तो अपने अंदर देखा होगा
शर्मा : नहीं
केशव : तो जरूर पटेल जी अंदर ही देखा होगा
शर्मा : मेरा यह मतलब नहीं था मेने एक साधारण बात कही थी
केशव : इतनी साधारण की आपने पुरुष जाति को बुराई का प्रतिक बना दिया
शर्मा : मैंने पुरुष शब्द का इस्तेमाल किया था क्या
केशव : आपने अभी रूपा काकी को भी बधाई दी थी
शर्मा : हा दी
केशव : उनसे भी कहा होगा की रावण को मारा जाये
शर्मा : नहीं
केशव : किसी और महिला से बड़ाई के साथ यही कहा हो
शर्मा : नहीं
केशव : क्या आपने किसी महिला को यह कह कर बधाई देते सुना हो
शर्मा : नहीं
केशव : तो इसका मतलब पुरुष ही खुद को रावण साबित करना चाहता है
शर्मा : आप तो बाल की खाल निकल रहे है
केशव : चलो यही सही | अब बताइये चाय मगवाई जाये या कॉफ़ी

 

 

DAAMAN WELFARE SOCIETY

Please follow and like us:
0