केशव & शर्मा : लव जिहाद

Dr. G.Singh

शर्मा : नमस्कार केशव जी
केशव : नमस्कार आइये बैठिये
शर्मा : केशव जी आपकी मदद चाहिए
केशव : बताइये
शर्मा : मुझे यूनिवर्सिटी मैं Love Jihad पर लेक्चर देना है
केशव : बढ़िया | क्या विचार हैं आपके Love Jihad के बारे मैं
शर्मा : मेरे विचार से हिन्दू लड़के दहेज़ के लिए लड़कियों का जीवन नरक बना देते हैं और लड़कियां अपने काबिल लड़कों के लिए दहेज़ का इंतेज़ाम नहीं कर पाती तो अपने लायक लड़का दूसरे धरम मैं तलाश करती है
केशव : बहुत नेक विचार हैं आपके
शर्मा : गलत हैं क्या
केशव : चलिए आपकी बात मान ली अब बताइये की लड़की अपने से कम काबिल लड़के से शादी क्यों नहीं कर लेती
केशव : मेरा मतलब है की 1 लाख कमाने वाले लड़के को छोड़ कर 20000 कमाने वाले लड़के से शादी क्यों नहीं कर लेती
शर्मा : लड़की अगर ज्यादा कमाने वाले लड़के से शादी करना कहती है तो यह तो उसका हक़ है
केशव : तो अगर 1 लाख कमाने वाला लड़का ऐसी लड़की तलाश कर रहा है जिसका माँ बाप करोड़पति हैं तो क्या यह लड़के का हक़ नहीं
शर्मा : कामल करते हैं केशव जी आप भी भला बताइये तो लड़की का माँ बाप कितना अमीर है इससे लड़के को क्या लेना देना
केशव : क्यों लेना देना नहीं है बताइये जरा
शर्मा : आप बताइये क्या लेना देना है
केशव : देखिये लड़की के माँ बाप की ज़मीन जायदाद पर लड़की का बराबर का हक़ है या नहीं
शर्मा : कानूनन तो है ही | पर क्या यह लड़के का लालच नहीं है दहेज़ के लिए
केशव : इसमें दहेज़ कहाँ से आ गया शर्मा जी | छोड़िये यह बताइये की लड़की 1 लाख कमाने वाला लड़का क्यों तलाश कर रही है
शर्मा : अपने आने वाले कल के बारे मैं सोचना उसका हक़ है या नहीं लड़का अच्छा कमाता होगा तो भविष्य सुरक्षित होगा उसका
केशव : सही बात है | जब लड़का ऐसी लड़की तलाश कर रहा है जिसके साथ उसका भविष्य सुरक्षित रहे तो क्या वह उसका हक़ नहीं बनता
शर्मा : नहीं बनता
शर्मा : भारतीय समाज मैं पत्नी की भरण पोषण की जिम्मेदारी पति पर है न की पत्नी की पति पर
केशव : अच्छा
शर्मा : बिलकुल
केशव : आप किस काल की बात कर रहे हैं
शर्मा : प्राचीन काल से यही चला आ रहा है
केशव : प्राचीन काल से तो यह भी चला आ रहा है की लड़की डोली मैं बैठ कर जाती थी और अर्थी पर पति का घर छोड़ती थी | तो आपने तलाक को कैसे अपना लिया
केशव : प्राचीन काल से लड़की के माँ बाप लड़के के घर पर पानी तक नहीं पीते थे आप coca-cola और dinner कैसे पी लेते है
केशव : प्राचीन काल से शादी के समय अपनी समर्थ के अनुसार सामान देने की परम्परा थी आप उसे दहेज़ या समाज विरोधी कैसे मान लिया
केशव : प्राचीन काल मैं लड़के के गुण देखने की परम्परा रही है उसकी जमीन जायदात नहीं आप कैसे देख रहे हैं लड़के की इनकम और जमीन जायदाद

केशव : प्राचीन काल मैं विवाह बचपन मैं होते थे आपने कैसे छोड़ दिया

केशव : प्राचीन काल मैं विवाह से पहले लड़का लड़की एक दुसरे को नहीं देखते थे आप कैसे पार्क मैं भिजवा देते हैं घूमने के लिए
केशव : प्राचीन काल मैं विधवा विवाह नहीं होता था आपने कैसे अपना लिया
केशव : प्राचीन काल मैं विवाह अपनी जाति मैं होता था आपने कैसे बहार करना शुरू कर दिया
केशव : प्राचीन काल मैं ….. …… …… ……
केशव : प्राचीन काल मैं ….. …… …… ……

केशव : प्राचीन काल मैं ….. …… …… ……

केशव : प्राचीन काल मैं ….. …… …… ……

केशव : प्राचीन काल मैं ….. …… …… ……
शर्मा : चलिए अब बस भी कीजिये केशव जी
केशव : मैं तो बस कर जाऊँगा पर आप बताइये की जब आप प्राचीन बातों को नकार रहे हैं तो किसी 1 बात को कैसे पकडे रह सकते हैं
शर्मा : बुरी बातों को ही तो छोड़ा जाता हैं अच्छी बातों को तो अपनाया जाता है
केशव : इसमें अच्छी बात क्या है की घर चलने की या कमाने की जिम्मेदारी लड़कों पर रहे
शर्मा : इसमें बुरी बात भी क्या है
केशव : बुरी बात यह है की इस महगाई के ज़माने मैं 1 अकेला लड़का पूरे घर का खर्च कैसे चला पायेगा ?
शर्मा : हम्म
केशव : चलिए यह बताइये की आपने कभी सुना की किसी 1 लाख कमाने वाली लड़की ने रिक्शावाले से शादी कर ली
शर्मा : किसी लड़की को ऐसा करने की क्या जरूरत है भला
केशव : क्यों जरूरत नहीं है शर्मा जी | क्या रिक्शावाले पुरुष अच्छे नहीं होते
शर्मा : मेरा मतलब था लड़की अगर १ लाख कमा रही है तो उसके सामने रिक्शावाला की कमाई क्या है
केशव : तो आपका मतलब है की लड़की गुण नहीं पैसा देखती है शादी के लिए
शर्मा : …. …. ….. ….
केशव : तो अगर लड़का भी पैसे वाली लड़की तलाश कर रहा है तो उसे आप गलत कैसे कह रहे हैं मेरा मतलब है की जो लड़की के लिए सही है वह लड़के के लिए जुर्म कैसे हो गया ?
शर्मा : हम भी क्या बात ले बैठे मैंने आपसे Love Jihad के बारे मैं पुछा था
केशव : चलिए पहले चाय पी जाये

 

NOTE : वार्तालाप सच्ची घटना पर आधारित

 

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