हाथी हथनी और वैवाहिक बलात्कार

हाथी हथनी और वैवाहिक बलात्कार

 

एक कुंवारा चूहा एक हाथी के घर में बिल बना कर रहता था। एक दिन चूहे ने देखा कि उस हाथी और उसकी पत्नी एक थैले से कुछ निकाल रहे हैं। चूहे ने सोचा कि शायद कुछ खाने का सामान है। उत्सुकतावश देखने पर उसने पाया कि वो एक #MaritalRape बिल को लागु करवाने की #PIL थी।

ख़तरा भाँपने पर उस ने पिछवाड़े में जा कर कबूतर को यह बात बताई कि घर में #MaritalRape की #PIL आ गयी है। कबूतर ने मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि मुझे क्या ? मुझे कौनसा उस में फँसना है ?

निराश चूहा ये बात मुर्गे को बताने गया। मुर्गे ने खिल्ली उड़ाते हुए कहा… जा भाई.. ये मेरी समस्या नहीं है।

हताश चूहे ने बाड़े में जा कर बकरे को ये बात बताई… और बकरा हँसते हँसते लोटपोट होने लगा।

कुछ महीनो बाद जब कानून बन गया उसी रात घर में खटाक की आवाज़ हुई, हाथी और हथनी मैं खाने मैं ज्यादा नमक को लेकर झगड़ा हुआ था और हथनी ने हाथी को थपड मार दिया था शिकायत करने के कारण | झग़डा बिगड़ने पर हाथी ने पुलिस को बुलवाया।

पुलिस ने #MaritalRape का मुकदमा दर्ज़ करके हाथी को जेल भिजवा दिया | जब पुलिस ने पडोसी भेड़िये को गवाही के लिए बुलाया तब उसे कबूतर का सूप पिलाने का वादा किया गया | कबूतर अब पतीले में उबल रहा था।

खबर सुनकर उस हथनी को सपोर्ट करने के लिए #NGO के लोग आ गए जिनके भोजन प्रबंध हेतु अगले दिन उसी मुर्गे को काटा गया। कुछ दिनों बाद उस हाथी को कई सालों की सजा हो गयी तो खुशी में उस #NGO ने हथनी को बहादुर बिटिया के ख़िताब से सम्मानित करने के लिए समारोह रखा जिसमे एक दावत रखी तो बकरे को काटा गया।

चूहा अब तक दूर जा चुका था, बहुत दूर ………. अकेले एक नयी और खुशहाल ज़िंदगी जीने के लिए ।

अगली बार कोई आपको #MaritalRape के बारे मैं बताये और आप को लगे कि ये मेरी समस्या नहीं है, तो रुकिए और दुबारा सोचिये।

अपने-अपने दायरे से बाहर निकलिये। स्वयं तक सीमित मत रहिये। सामाजिक बनिये..

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